Shweta Singh Case: देश अभी भोपाल की ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत और उसके सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मामले से उबरा भी नहीं था कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से भी दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों का एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ ठाकुरगंज इलाके में एक 28 वर्षीय नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए बेरहमी से प्रताड़ित करने और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पति और सास-ससुर समेत 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
शादी के दिन से ही शुरू हो गया था विवाद
ठाकुरगंज के विश्वनगर मल्हाई टोला की रहने वाली श्वेता सिंह की शादी 22 नवंबर 2025 को काशी विहार निवासी शिवम सिंह उर्फ भूपेंद्र सिंह के साथ हुई थी, जो एक पैथोलॉजी लैब में काम करता है। श्वेता अपने घर की सबसे छोटी और लाड़ली बेटी थी। बहनों ने बताया कि पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर धूमधाम से शादी की थी, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि महज 6 महीने में ही श्वेता का यह हश्र होगा।
बड़ी बहन के मुताबिक, ‘शादी के दिन ही दूल्हे भूपेंद्र ने दहेज की एक बड़ी मांग रख दी थी। मांग पूरी न होने पर वह इतना नाराज हुआ कि विदाई के वक्त श्वेता को किसी से मिलने तक नहीं दिया। उस समय दामाद को शांत करने के लिए श्वेता के बुजुर्ग पिता ने उसके पैर तक पकड़ लिए थे, लेकिन उसकी बेरहमी कम नहीं हुई।’
‘स्कॉर्पियो’ गाड़ी की मांग
परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले श्वेता को कम दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पति भूपेंद्र मायके से मिले सोफे और बेड की निंदा करता था और लगातार मायके से स्कॉर्पियो गाड़ी लाने का दबाव बना रहा था। इसके अलावा, भूपेंद्र ने श्वेता की नौकरी भी छुड़वा दी थी, जबकि श्वेता आत्मनिर्भर बनने के लिए दोबारा काम शुरू करना चाहती थी।
ननद लगाती थी ताने भरे स्टेटस
श्वेता की बहनों ने ससुराल वालों की क्रूरता का आरोप लगाते हुए बताया कि घर में विवाद होने पर उसकी ननद सोशल मीडिया पर ताने भरे और अपमानजनक स्टेटस लगाया करती थी। परिजनों ने इन कथित स्टेटस के स्क्रीनशॉट पुलिस को भी सौंपे हैं।
इनमें लिखा था, ‘जो खुद सूअर और सूअर जैसे खानदान में रही हो, उसे सब वैसे ही नजर आते हैं।’ वहीं एक अन्य स्टेटस में लिखा गया था, ‘जिन लड़कियों को सास-ससुर या ननद पसंद नहीं, वे अनाथालय में शादी करें।’ परिजनों ने यह भी बताया कि 24 मई को जब उनकी श्वेता से मुलाकात हुई थी, तब उसके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे। लेकिन ट्रॉमा सेंटर में शव देखने पर उसके पैरों पर गंभीर चोट और खून के निशान दिखाई दिए।
आरोप है कि मायके वालों के मौके पर पहुंचने से पहले ही ससुराल पक्ष शव को फंदे से उतारकर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर ले गया था।
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